इस लेख में :
- आपका दो माह का नवजात शिशु क्या क्या कर सकता है?
- दो माह की नवजात शिशु के शारीरिक वृद्धि और विकास कितनी होती हैं?
- दो माह की नवजात शिशु के विकास के मील का पत्थर क्या हैं?
- नवजात शिशु का सामाजिक या भावनात्मक विकास
- नवजात शिशु का संचार या मानसिक विकास
- नवजात शिशु का संज्ञात्मक विकास
- नवजात शिशु का शारीरिक विकास
- दो माह के नवजात शिशु कितने देर की नींद लेता हैं।
- दो माह के नवजात शिशु पूरे 24 घंटे मे कौन कौन सी गतिविधियाँ करता हैं?
- दो माह के नवजात शिशु को होने वाली स्वास्थ्य समस्याएँ।
- दो माह का नवजात शिशु कितना दूध पीता हैं?
- दो माह की नवजात शिशु की स्वास्थ्य की देखभाल करना।
- दो माह की नवजात की स्वच्छता का ध्यान कैसे रखे?
- आप अपने नवजात शिशु के विकास में कैसे सहयोग कर सकते हैं?
- दो माह के नवजात शिशु को डॉक्टर के पास कब ले जाना आवश्यक होता हैं?
- निष्कर्ष
2 Month ka Newborn baby Development in hindi :
नवजात शिशु के जन्म के बाद का दूसरा महीना भी माता पिता के लिए जिम्मेदारी भरा होता हैं। इस दौरान नवजात शिशु का विकास पहले महीने से ज्यादा तेजी से होता हैं, क्योंकि दूसरे महीने नवजात शिशु का सामाजिक और भावनात्मक, संज्ञानात्मक कौशल संचार, मांसपेशियों पर नियंत्रण जैसे विकास का प्रारंभ होता हैं। जिसमें नवजात शिशु की हर गतिविधियाँ शामिल हैं, जैसे कि खेलना, सीखना, बोलना, हंसना, गर्दन घुमाना, सिर को संभालना आदि के साथ और भी गतिविधियाँ शामिल होती हैं। वैसे सभी नवजात शिशु की शारीरिक और मानसिक विकास हर रोज होती हैं, यदि आप ध्यान दे, तो आप भी नवजात शिशु के गतिविधियों, विकास को जान सकते हैं।
इस लेख में आप जानेंगे, कि नवजात शिशु के दूसरे महीने कौन कौन सा विकास होता हैं, और नवजात शिशु में आने वाले कौन कौन से बदलाव, गतिविधियों, विकास और कौशल से जुड़ी सभी जानकारीयाँ हैं, जिसे आप भी अपने नवजात शिशु में अच्छी तरह माप सकते हैं। जब आपका बेबी आपके आँखों में आँखे डालकर देखता हैं, आपको देखकर हंसता हैं, और जब आपका बेबी अपने आस पास की चीजों या वस्तुओं, व्यक्तियों को देखकर सीखने की कौशिश करता हैं, तो आप अपने नवजात शिशु के इन छोटी छोटी बातों पर ध्यान देकर अपने बेबी की वृद्धि, विकास को जान जायेंगे।
आइए विस्तार से जानते हैं, एक नवजात शिशु के दुसरे महीने के विकास से जुड़ी सभी जानकारियाँ जो आपको अपने नवजात की देखभाल और लालन पालन में मदद करेगी, साथ ही इससे आप अपने नवजात शिशु की विकास में भी मदद कर पायेंगे।
आपका दो माह का नवजात शिशु क्या क्या कर सकता है?
aapake 2 month ka Newborn baby kya kya kar sakataa hai?
जब आपका बेबी दूसरा महीना क्रोस कर जाता हैं, तो बेबी की मांसपेशियों में नियंत्रण बढ़ जाता हैं। जिससे आपके नवजात शिशु ने अब मुँह में हाथ डालना शुरुकर दिया हैं।
दो माह के बाद आपका शिशु संज्ञानात्मक रूप से विकास कर रहा होता हैं, और वह मुस्कुराना सीख रहा हैं।
इस दौरान नवजात शिशुओं में नींद की कमी और पेट दर्द होने की आशंका होती हैं।
लेकिन संभावना हैं, यदि आप अपने नवजात शिशु का खास ख्याल रखते हैं, और अच्छे से देखभाल करते हैं, तो आपके नवजात शिशु को 3 से 4 महीने के उम्र तक कोई पेट दर्द की बीमारी नही होती हैं।
जब आपका नवजात शिशु का 12 सप्ताह बीत जाता हैं, तो शिशु रात को 12 घंटे तक सोना प्रारंभ कर देता हैं, हालांकि, देर रात मल मूत्र त्याग करने पर जागते हैं, लेकिन यदि रात को बेबी को डायपर पहनाया जाये, तो शिशु लम्बे देर तक सो सकते हैं।
दो माह का शिशु खुद पलटने और अपने आप को पैरों के सहारे ढ़केलना शुरु कर देते हैं। आप चाहे तो अपनी शिशु को ट्म्मी टाइम दे सकते हैं।
आपको अपने शिशु की नियमित जाँच कराना चाहिए, और दूसरे माह टीका भी समय पर दिलवाना चाहिए।
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दो माह की नवजात शिशु के शारीरिक वृद्धि और विकास कितनी
होती हैं?
2 month baby growth in hindi :
दो महीने का नवजात शिशु अब एक छोटा सा नवजात शिशु की तरह नहीं दिखता, शायद आपने फोटो खिंचा, तो आप देखेंगे, कि आपना बहुत छोटा सा बेबी का शारीरिक विकास हो गया हैं, जो शिशु पहले अपना हाथ या अन्य मांसपेशियाँ हल्का सा हिलाता था, लेकिन अब वह अपनी उंगलियों को मुँह तक ले जाता हैं।
सभावना हैं, कि अब आपके नन्ही सी नवजात शिशु के कपड़े छोटे हो गये होंगे। और हर रोज आपकी शिशु तेजी से विकास कर रही हैं।
यदि आपके शिशु की की वजन और लम्बाई की बात करे, तो यह भी पिछले महीने की तुलना में बढ़ गया हैं। सी.डी.एस के ग्रोथ चार्ट के अनुसार, नवजात शिशु का दो माह के बाद लड़की (बेबी गर्ल) का वजन 5.1 कि.ग्रा. और लम्बाई 57.15 से.मी होती हैं, वही लड़का (बेबी बॉय) का वजन 5.5 कि.ग्रा और लम्बाई 58 से.मी. होता हैं। और शिशु की सिर की परिधि लगभग 4 से.मी के होती हैं।
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दो माह की नवजात शिशु के विकास के मील का पत्थर क्या हैं?
2 mahine ke Newborn ka vikash ke Milestone kya hai?
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, दो महीने के नवजात शिशु के विकास के लिए मुख्यतः मील के पत्थर चार चरणों में विभाजित किया जाता हैं। जो कि निम्न हैं।
- नवजात शिशु का सामाजिक या भावनात्मक विकास
- नवजात शिशु का संचार या मानसिक विकास
- नवजात शिशु का संज्ञात्मक विकास
- नवजात शिशु का शारीरिक विकास
मील का पत्थर आपको आपके नवजात शिशु की हर महीने की विकास को पहले बता देता हैं। नीचे सभी मील के पत्थर के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी हैं।
नवजात शिशु के सामाजिक / भावनात्मक विकास :
नवजात शिशु जन्म के बाद आपसे अपनी सुख या दुख के बारे बात कर के समझा नहीं सकता हैं। इसके लिए आपको ही आपके नवजात शिशु के इशारे को समझने होते हैं। हालांकि, दो महींने में नवजात शिशु के इशारे इतने हद तक समझने लायक हो जाते हैं, कि आप अपने नवजात शिशु के सुख और दुख को समझ पाये।दो माह का शिशु अपना भावनात्मक विकास के दौरान आत्म नियमन सीख रहा होता हैं। जिसमें आपका नवजात शिशु चुसना सीखता हैं, जिसके लिए आप पैसिफायर का उपयोग करे, तो अच्छा हैं, नहीं तो आपका नवजात शिशु अपना अंगुठा या अपने हाथ को मुँह में डालना सीखता हैं। इससे शिशु को आत्म सुख मिलता हैं, क्योंकि कि शिशु की चुसने की क्षमता इस समय बहुत तेज होती हैं। आप देखेंगे आपका शिशु कुछ भी चुसने को तयार होता हैं, यह भी एक कारण हैं बहुत से बच्चे 10 साल तक अंगुठा चुसने की आदत नहीं छोड़ते हैं। वैसे आप अपने नवजात शिशु को शुरु से ही पैसिफायर सकते हैं। बड़े होने पर टीथर भी शिशु को दे सकते हैं। यह शिशुको शांति प्रदान करता हैं।
आपका नवजात शिशु दो माह के बाद आपसे बात करने के लिए बहुत तरह के आवाजे निकालेगा, जब आप भी अपने नवजात शिशु से बात करेंगे, तो आपका शिशु खुश हो कर चिल्लाता हैं, या तरह तरह की आवाजे निकालता हैं।
आपका नवजात शिशु आपको जब भी देखता हैं, वह हर बार आपका मुस्कुरा कर स्वागत करेगा। जैसे कि जब आपकी नवजात शिशु की नींद पूरी होने पर आपको सामने पायेगा, वह आपको एक मीठी सी मुस्कान से खुश कर देगा। यह पल बार बार आयेगा, आप इस पल को अपने कैमरे में कैद कर सकते हैं।
दो माह के बाद आपका शिशु आपके लिए बहुत व्यवहारिक हो जाता हैं, आपको पता नहीं, लेकिन आपका शिशु आपसे बहुत प्यार करने लगता हैं, आप जब सामने ना हो, शिशु खुद को असुरक्षित महसूस करेगा। चाहे आपके शिशु को कितना भी दुख क्यों ना हो वह आपकी गोद में सुरक्षित महसुस करेगा। क्योंकि आपके नवजात शिशु को पता हो ग्या हैं, कि आप उनकी सारी दुख को सामाप्त कर देंगे।
नवजात शिशु का संचार या मानसिक विकास :
आपका नवजात शिशु जब दो माह का हो जात हैं, तो शिशु के मस्तिष्क का विकास शुरु हो रहा होता हैं। आपका शिशु आपने नये वातावरण में ढ़लना प्रारंभ कर देता हैं। इस समय में नवजात शिशु हर तरह की ध्वनियों को सुनता हैं, और समझता हैं। शुरुआत में हर आवाज को कोइंग और गुरलिंग की तरह समझते हैं। फिर उस आवाज पर प्रतिक्रिया देते हैं।एक अध्ययन से पता चलता हैं, जब नवजात शिशु गर्भ में रहता हैं, उस दौरान माँ गाना सुनती हैं, या गुनगुनाती हैं। और उसी तरह जब शिशु को वो गाना सुनाया जाता हैं, तो आपका शिशु उस गाने को सुनना पसंद करता हैं। इसलिए कभी कभी आपका नवजात शिशु किसी गाने को सुनकर बहुत खुश हो जाता हैं।
आप अपने नवजात शिशु से बात करे, और जब आप अपने नवजात शिशु से बात कर रहे हो तो अपना चेहरा शिशु के पास ले करीब रखे, इससे आपका शिशु आपसे ज्यादा बात करने की कोशिश करता है, और आपकी आवाज को ध्यान से सुनता हैं, जब आप शिशु द्वारा दी गयी प्रतिक्रिया पर उसी की तरह जबाव देंगे, तो आपका शिशु और भी बात करने की कोशिश करता हैं।
आप अपने नवजात शिशु के मस्तिष्क की विकास के मदद्गार दिमाग में पाये जाने वाले न्यूरॉन्स और मजबूत बना सकते हैं। इसके लिए आप अपने नवजात शिशु को चित्र के द्वारा पढ़ाये, या चीजो को पास ले जाकर सझाये। आप कही घुमने जाये तो तरह तरह की चीजों से अवगत कराये, जैसे कि ये देखों बस, देखों बेबी पानी, पानी पीना हैं बेबी को? जैसे अपने बेबी को समझाये। इससे नवजात शिशु को सीखने में ज्यादा खुशी होती हैं, और इससे नवजात शिशु का संचार या मानसिक विकास में मदद मिलती हैं।
नवजात शिशु का संज्ञात्मक विकास :
संज्ञानात्मक विकास में आपके शिशु की देखने की कौशल में विकास होता हैं। इसमें आपका नवजात शिशु आपके चेहरे को पहचानने के साथ आपके हाथों में रखी दूध की बोतल को भी दूर से पहचान जाता हैं।
नवजात शिशु की संज्ञानात्मक विकास में शिशु की चाहत भी दर्शाता हैं, इसका मतलब आपका नवजात शिशु कभी कभी एक जैसा खेल नहीं खेलना चाहता, या किसी एक खिलौने से खेलने में शिशु चंचल महसूस नहीं करता हैं। मानो आपका शिशुकह रहा हैं, “मम्मा मुझे इस खिलौने से नहीं खेलना, अब दूसरा लाकर दो”। यह शिशु के चेहरे पर साफ दिखता हैं क्योंकि दो माह के बाद शिशु को बोरियत, या एक ही चीज से मन उब जाने का कौशल विकसित हो जाता हैं।
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नवजात शिशु का शारीरिक विकास :
नवजात शिशु दो माह के बाद बहुत हद तक अपने मानपेशियों को घुमाने या उठाने में सक्षम हो जाता हैं। आप अपने नवजात शिशु के कई गतिविधि को देख कर आश्चर्य में पड़ जायेंगे। जैसे कि अब आपका शिशु पेट के बल पलट जायेगा, और अपने सिर को खुद से उठाने की कौशिश करेगा। यदि आप शिशु के सामने नहीं हैं, तो वह अपना सिर को घुमा कर आपको खोजेगा। पेट के बल लेट कर खुद को बाहोंऔर घुटनों के सहारे धक्का देना प्रारंभ करेगा।
जैसे जैसे आपके नवजात शिशु के मांसपेशियों में नियंत्रण होने लगेगा, आपका शिशु तरह की गतिविधियाँ करने लगेगा।
आप अपने नवजात शिशु को तरह तरह के खिलौने ला कर दे, मगर ध्यान दे, आपके शिशु की हर चीज मुँह में डालने की आदत का भी विकास हो रहा हैं, इसलिए खिलुना वैसा चुने जिसे शिशु अपने मुँह के अंदर नहीं डाल सके, बस चुस सके, और खिलौना चुनते समय इस बातों का ध्यान हमेशा रखे: खिलौना हमेशा स्पंजी, चिकनी, रबरदार हो लेकिन नुकीली या ऊबड़-खाबड़ या चोट पहुँचाने लायक ना हो। सुनिश्चित करे, कि आप जो भी खिलौना खरीदे, वह आपके नवजात शिशु के लिए सुरक्षित हो।
आपके नवजात शिशु को खिलौने देने से आपके नवजात शिशु की पकड़ने की कौशल में विकास आता हैं।
आप अपने नवजात शिशु को रोज 2 से 3 मिनट के लिए ट्म्मी टाइम दे सकते हैं, इसके लिए आपको अपने नवजात शिशु को पेट के बल लेटा कर खेलने देना हैं। आप अपने बेबी को अपने कंधों पर लेटा कर भी ट्म्मी टाइम दे सकते हैं। आपको अपने बाल रोग विशेषज्ञ से आपकेनवजात शिशु को कितना देर ट्म्मी टाइम देना हैं, इस बारे में पहले ही बात कर ले।
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दो माह के नवजात शिशु कितने देर की नींद लेता हैं।
2 month old baby sleeping in hindi
आपका नवजात शिशु जैसे जैसे बड़ा होता जायेगा, उसकी नींद का चक्र कम होता जायेगा। एक शोध के अनुसार, दो माह का नवजात शिशु दिन में 15 से 16 घंटे की नींद लेता हैं।
दो माह के बाद यदि आपका नवजात शिशु को झपकी या नींद आ रहीं हो, तो आप उसे सुलाने के लिए आप पेसिफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार, दो माह के शिशु या दो माह से बड़े शिशु को सुरक्षित नींद की सिफारिश के लिए पेसिफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं। शिशु को सुलाने के लिए आप अभी भी स्वैडलिंग का इस्तेमाल करके शिशु को आराम पहुँचा सकते हैं।
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दो माह के नवजात शिशु पूरे 24 घंटे मे कौन कौन सी गतिविधियाँ
करता हैं?
2 month baby Activity in hindi :
आपका दो माह का नवजात शिशु हर रोज अलग अलग गतिविधियाँ करता है, आप यदि नोट करने बैठे तो आप यह अंदाजा नहीं लगा पायेंगे, कि आपका नन्हा सा नवजात शिशु कैसे इतनी सारी गतिविधियाँ अकेले कर लेता हैं। जैसे कि आपका नवजात शिशु जब बहुत प्रसन्न होता हैं, तो वह बहुतखेलता हैं, खुद ही पेट के बल बार बार पलट जाता हैं। हालांकि हर शिशु एक जैसे नहीं होते, सभी शिशु में अलग अलग कौशल छिपा होता हैं।
नवजात शिशु पूरे दिन बहुत सारे गतिविधियाँ करता हैं, आपका शिशु कौन सी गतिविधियाँ करेगा, यह आपके बेबी पर निर्भर करता हैं। नीचे कुछ मुख्य बाते बतायी गयी हैं, जो कि अक्सर शिशु में पाये जाते हैं:
- भोजन करना : दो माह का नवजात शिशु जो कि स्तनपान करते हैं, वह 2 से 4 घंटे के अंतराल में स्तनपान करते हैं। और पूरे 24 घंटे में 6 से 10 बार स्तनपान करने की संभावना होती हैं।
- यदि आप अपने नवजात शिशु को फॉर्मुला दूध देती हैं, तो वह 3 से 4 घंटे का अंतराल होता हैं।
- नींद : 2 माह का नवजात शिशु बहुत गतिविधि करने के कारण बहुत थक भी जाता हैं, इसलिए उसे बहुत नींद आना सामान्य हैं, लेकिन एक नींद चार्ट के अनुसार, 16 घंटे तक की नींद अवश्य लेता हैं। हो सकता हैं आपका शिशु दी गयी समय से कम या ज्यादा सो सकता हैं।
- मल-मूत्र त्याग: आपका नवजात शिशु जितना भोजन करता हैं, उस हिसाब से उसे बहुत बार मल-मूत्र त्यागने पर आपको डायपर को तुरंत बदलनी चाहिए, इसके लिए आप इंडिकेटर वाला डायपर का इस्तेमाल करे। दो माह का नवजात शिशु 24 घंटे में 8 से 10 बार डायपर गीला करता हैं।
- खेलना : आप तो यह समझ ही सकते हैं, शिशु को खेल बहुत पसंद आते हैं, इसलिए आप अपने नवजात शिशु के साथ खेल खेले, इसके लिए आपको तरह तरह के नाटक के माध्यम का प्रयोग करना होगा। नवजात शिशु जिसके साथ ज्यादा समय बीताता हैं, और प्रसन्न रहता हैं, उस के साथ शिशु बंधन बनाता हैं, और सुरक्षित महसूस करता हैं।
- बाते करना : आपका नवजात शिशु 7 या 8 वे सप्ताह आपसे बात करने में खुशी जाहिर करता हैं। और इस दौरान कई तरह की आवाजों के साथ आपको जवाब भी देता हैं। ऐसे में आप भी अपने नवजात शिशु से बाते करे।
- कडल टाइम : आप अपने नवजात शिशु के कडलिंग कर सकते हैं। कडलिंग करने से आपके नवजात शिशु का माता पिता के साथ विश्वास का बंधन बनाता हैं।
- ट्म्मी टाइम (Tummy Time) : आप अपने नवजात शिशु को कुछ मिनट के लिए ट्म्मी टाइम दे सकते हैं। इसके लिए शिशु को पेट के बल लेटाये, यह 2 या 3 मिनट का होना चाहिए, और जब भी आप अपने नवजात शिशु को ट्म्मी टाइम दे, आप अपने नवजात शिशु को अपने नजरों के सामने रखे।
- कहानी सुनाये: आप अपने नवजात शिशु को चित्रो वाली किताब के द्वारा कहानी सुना सकती हैं। इससे नवजात शिशु का मस्तिष्क विकास होता हैं।
- मालिश करना : आप अपने नवजात शिशु की मालिश अवश्य करे। मालिश करने से आपके नवजात शिशु की शरीर में रक्त संचार अच्छी तरह होती हैं, शिशु का पाचन तंत्र मजबूत होता हैं। नवजात शिशु के सही विकास में मालिश एक अहम हिस्सा होता हैं।
दो माह के नवजात शिशु को होने वाली स्वास्थ्य समस्याएँ।
2 mahine ke navajaat shishu ko hone waali health issues?
नवजात शिशु को दो माह के अंतराल में होने वाली आम बीमारियाँ निम्नलिखित हैं।
सर्दी जुकाम : नवजात शिशु की 2 से 3 माह के दौरान प्रतिरक्षा प्रणाली विकसित हो जाती हैं। इसके बावजूद शिशु को कई बार सर्दी जुकाम होना आम होता हैं।
हालांकि, नवजात शिशु को टीका पड़ने से बीमारी से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज भी शिशु के शरीर में पाया जाता हैं, लेकिन कुछ सप्ताह के बाद यह एंटीबॉडीज शिशु के शरीर में धीमी हो जाती हैं।
चकत्ते पड़ना (Diaper Rashes) : नवजात शिशु को लगातार डायपर का प्रयोग करने से डायपर क्षेत्र में रैशेज या चकत्ते पड़ जाते हैं। शिशुओं में चकत्ते पड़ना आम समस्याओं में से एक हैं। चकत्ते की समस्या से 7 से 35 प्रतिशत शिशु प्रभावित होते हैं।
डायपर रैश होने का मुख्य कारण हैं, बार बार डायपर गीला होने पर जल्दी से जल्दी नहीं बदलना। वैसे शिशुओं की चकत्ते की समस्या में आप डायपर रैश क्रीम का प्रयोग कर सकते हैं। साथ ही नियमित तौर पर शिशु के डायपर बदलना, और कुछ समस्य के लिए अपने शिशु को बिना डायपर के रखना, इससे शिशु के डायपर क्षेत्र में हवा लगते रहे।
छाले / मुखव्रण (Thrush) : नवजात शिशु को जीभ या गालों पर सफेद रंग के धब्बे हो जाते हैं। इस धब्बे को कैंडिडा अल्बिकंस कहा जाता है । यह एक मौखिक संक्रमण होता हैं।
इस तरह की समस्या पर ध्यान दे, और बाल रोग चिकित्सक से संपर्क करे, चिकित्सक आपको ऐंटिफंगल दवा देंगे, जिससे 10 दिनों के अंदर राहतमिल जाता हैं।
मुँहासे : नवजात शिशु को मुँहासे होने की संभावना होना आम हैं, जब आपके नवजात शिशु को मुँहासे हो, तो आप कोई घरेलू उपचार के जगह बाल रोग चिकित्सक के पास जाना सही समझे, क्योंकि कई बार मुँहासे इतने गंभीर नहीं होते कि इससे शिशु को कोई नुकसान पहुँचे।
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दो माह का नवजात शिशु कितना दूध पीता हैं?
2 month old baby feeding in hindi?
नवजात शिशु का पाचन तंत्र अभी भी कमजोर होता हैं, और ऐसे में आपका नवजात शिशु स्तनपान को अच्छे तरह से पचा सकता हैं। हालांकि सभी माता पिता स्तनपान कराने में सक्षम नहीं होती इसलिए वह फॉर्मुला दूध का उपयोग करना सही समझती हैं।
दो माह का नवजात शिशु 8 से 9 बार मा का दूध यानि स्तनपान करता हैं, और एक दिन में लगभग 800 मि.ली. दूध पी सकता हैं।
वही फॉर्मुला दूध के लिए शिशु लगभग 739ml से लेकर 887ml तक दूध पी सकता हैं।
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दो माह की नवजात शिशु की स्वास्थ्य की देखभाल करना।
दो माह का नवजात शिशु को जाँच के लिए बाल रोग विशेषज्ञ के पास ले जाना चाहिए, क्योंकि नवजात शिशु का दूसरे महीने का होना एक दूसरा मील का पत्थर (Milestone) होता हैं। हालांकि इस महीने सामान्य चेक-अप होती होती हैं। जैसे कि शिशु की लम्बाई, वजन, सिर की परिधि मापना, इसके अलावा विकासात्मक मील के पत्थर और सुरक्षा का मूल्यांकन और साथ ही टीकाकरण भी सामिल हैं।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार, इस माह में शिशु को पोलियों की वैक्सीन (IPV-1), डी-टैप (डिप्थीरिया, टेटनस, एसेल्यूलर पर्टुसिस), एचआईबी (हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी), PCV-1 (न्यूमोकोकल), RV (रोटावायरस वैक्सीन), HBV (हेपेटाइटिस बी) टीका लगाये जाते हैं।
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दो माह की नवजात की स्वच्छता का ध्यान कैसे रखे?
2 mahine ke navajaat shishu ki hygiene ka dhyaan kaise rakhe?
नवजात शिशु जब दो माह का हो जाता हैं, तो शिशु की सुरक्षा को ध्यान में रख कर आपको निम्नलिखित स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।
नवजात शिशु को नहलाते समय: जब आपका नवजात शिशु दो माह का ही हैं, तो आप उसे हमेशा नहीं नहलाये, अगर आप चाहे, तो शिशु के शरीर को हल्के गर्म पानी से भीगोये गीले कपड़े से पोंछ सकते हैं। शिशु के शरीर और सिर की सफाई सबसे जरूरी होता हैं, इसलिए आप अपने नवजात शिशु के शरीर और सिर को जरूर पोंछे। हालांकि, आपको आपने नवजात शिशु की कपड़े रोज बदलने चाहिए।
नाखून : आपकोअपने नवजात शिशु के नाखुन को भी काटने चाहिए, क्योंकि शिशु दो माह का होने के बाद मुँह और चेहरे के पास हाथ पहुँचा सकता हैं, हो सकता हैं शिशु अपने चेहरे को अपनी नाखून से चोट पहुचा ले।
शिशु की नाखुन को काटने से संबंधित जानकारी के लिए इस लेख को पढ़े : अपने बच्चे के नाखूनों को सुरक्षित रूप से कैसे काटें?
आप अपने नवजात शिशु के विकास में कैसे सहयोग कर सकते हैं?
aap apane 2 mahine ke navajaat shishu ke vikaash mai kaise suppport kar sakate hai?
आप अपने नवजात शिशु के विकास में मदद करने के लिए निम्नलिखित बातों पर ध्यान रखे।
- आप अपने नवजात शिशु के शारीरिक विकास के लिए शिशु को ट्म्मी टाइम दे। इससे शिशु की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं।
- आप अपने नवजात शिशु को नियमित जाँच के लिए बाल ररोग चिकित्सक के पास ले जाये।
- आप अपने नवजात शिशु के मानसिक विकास के लिए अपने नवजात शिशु के साथ ज्यादा समय बीताये, अपने नवजात शिशु के साथ खेले, बाते करे, कहानी सुनाये, गाने सुनाये।
- आप अपने नवजात शिशु को ज्यादा से ज्यादा प्यार दे।
- आपको अपने नवजात शिशु के विकास के मील के पत्थर की सूची बनाये और जाँचे।
अपने नवजात शिशु के विकास की जाँच खुद करने के लिए रोज अपने नवजात शिशु की विकासात्मक चारों चरणों (सामाजिक या भावनात्मक विकास, संचार या मानसिक विकास, संज्ञात्मक विकास, शारीरिक विकास) पर ध्यान दे।
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दो माह के नवजात शिशु को डॉक्टर के पास कब ले जाना
आवश्यक होता हैं?
2 mahine ke navajaat shishu ko kab Doctor ke paas le jaanaa chaahiye?
यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) कहते हैं, कि यदि आपके नवजात शिशु को निम्न प्रकार के लक्षण दिखते हैं, तो आपको बाल रोग चिकित्सक के पास तुरंत जाना चाहिए।
- यदि आपका नवजात शिशु पेट के बल लेटने के समय (Tummy Time) अपना सिर को घुमाता नहीं या उपर नहीं उठाता, तो शायद आपके शिशु के गर्दन में समस्या हो सकती हैं।
- यदि आपका शिशु दो माह के बाद भी अपने हाथ मुँह तक नहीं पहुँचाता, तो यह शिशु के मांसपेशियों में विकासात्मक वृद्धि नहीं होने का कारण हैं।
- यदि आप कोई खिलौना लाये और शिशु को पसंद हो, लेकिन यदि आप उसे हटा दे लेकिन आपका शिशु कोई प्रतिक्रिया ना दे, तो इसे नजरअंदाज ना करे। यदि आप भी शिशु के सामने से जाये तो शिशु इसकी प्रतिक्रिया करेगा।
- यदि आपका शिशु बहुत खुश हो और आपका शिशु किसी तरह का आवाजे नहीं निकाले,तो यह शिशु की बोलने की क्षमता की समस्या हो सकती हैं।
- यदि आपका शिशु किसी वस्तु की आवाज या आपके द्वारा बात पुकारने या किसी भी तरह की आवाज पर कोई प्रतिक्रिया ना करता हो।
उपर्युक्त दिये गये किसी भी समस्या में आपको अपने बाल रोग चिकित्सक से संपर्क करने की आवश्यकता हैं।
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निष्कर्ष :
इस लेख में आपने पढ़ा, कि कैसे 2 महीने के शिशु की विकास होती हैं, और कौन कौन से चरणों में शिशु के विकास होती हैं। साथ ही आपने यह भी जाना नवजात शिशु के जन्म के बाद दूसरे महीने किस तरह की गतिविधि आपका नवजात शिशु कर सकता हैं।
आपका नवजात शिशु आपका बहुत ख्याल रखने वाला होता हैं, आप जब बहुत थक गये हो, या उदास हो, तो आप अपने नवजात शिशु के साथ खेल कर देखे, आपका नवजात शिशु आपको पल भर में खुशियों से भर देगा। आपकी थकावट पल भर में आपके शिशु की गतिविधि को देख कर गायब हो जायेगी।
यदि आप इस लेख में दी गयी जानकारी से संतुष्ट हैं, तो इस लेख को अपने परिवार, मित्र के साथ शेयर करे, यदि इस लेख में कोई जानकारी अधूरी रह गयी, तो नीचे कॉमेंट करे, और आप अपनी अनुभव को भी नीचे कॉमेंट में साझा करे। धन्यवाद!
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